स्थानीय निवासियों द्वारा सत्यापित (अक्टूबर 2026)

सम्पूर्ण वाराणसी नगर गाइड: घाट, मंदिर, समय सारिणी एवं नियम

वाराणसी (काशी) आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों के लिए आवश्यक संदर्भ पुस्तिका। घाटों के दर्शन, आरती का समय, नौका विहार की वास्तविक दरें और सुगम दर्शन के नियम।

१. काशी के तीन नामों का रहस्य

वाराणसी (भौगोलिक)

उत्तर में वरुणा और दक्षिण में अस्सी नदी के मध्य स्थित पवित्र भूभाग।

काशी (आध्यात्मिक)

‘काश्’ धातु से निर्मित, जिसका अर्थ है प्रकाश बिखेरना। मोक्ष और ज्ञान की ज्योतिर्मयी नगरी।

बनारस (सांस्कृतिक)

अल्हड़ मस्ती, घाटों की सीढ़ियों पर सुबह की चाय, शास्त्रीय संगीत और बनारसी पान की नगरी।

२. दैनिक समय सारिणी एवं सत्यापित शुल्क

विषय / स्थल समय / शुल्क स्थानीय सुझाव
दशाश्वमेध गंगा आरती शाम 6:00 बजे (शीतकाल) / 6:45 बजे (ग्रीष्मकाल) सीढ़ियों पर बैठने हेतु 45 मिनट पूर्व पहुँचें। नाव से दर्शन हेतु ₹200–₹300 शेयरिंग दर।
सुबह-ए-बनारस (अस्सी घाट) प्रातः 5:00 बजे (ग्रीष्म) / 5:30 बजे (शीत) सूर्योदय पूर्व वैदिक मंगलाचरण, यज्ञ, योग एवं शास्त्रीय रागों का गायन।
हाथ से चलने वाली नाव (रोइंग बोट) ₹400 – ₹600 प्रति घंटा (पूरी नाव) नाव पर पैर रखने से पहले कुल राशि, समय और अस्सी से मणिकर्णिका तय कर लें।
श्री काशी विश्वनाथ सुगम दर्शन ₹300 प्रति व्यक्ति (गेट 4) मोबाइल, चमड़ा बेल्ट अंदर ले जाना वर्जित है। गेट पर निःशुल्क लॉकर सुविधा उपलब्ध है।
सारनाथ बौद्ध धरोहर ₹25 (भारतीय) / ₹300 (विदेशी नागरिक) पुरातत्व संग्रहालय शुक्रवार को बंद रहता है। शाम को लाइट एंड साउंड शो ₹100।